हम रोज़मर्रा की ज़िंदगी में आँखों का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं—मोबाइल, लैपटॉप, टीवी, ड्राइविंग, पढ़ना-लिखना—लेकिन जब बात आँखों की सेहत की आती है, तो हम अक्सर लापरवाही कर जाते हैं। ज़्यादातर लोग तभी Eye Check-up करवाते हैं जब साफ़ दिखना बंद हो जाता है, जबकि कई गंभीर आँखों की बीमारियाँ बिना किसी शुरुआती लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ती रहती हैं। नियमित आँखों की जाँच (Regular Eye Check-up) न केवल आपकी दृष्टि को सुरक्षित रखती है, बल्कि गंभीर समस्याओं को समय रहते पहचानने में भी मदद करती है।

नियमित Eye Check-up क्यों ज़रूरी है?

1. आँखों की बीमारियाँ शुरुआती दौर में बिना लक्षण के होती हैं

ग्लूकोमा, डायबिटिक रेटिनोपैथी और मैक्युलर डिजनरेशन जैसी बीमारियाँ शुरुआत में दर्द या धुंधलापन नहीं देतीं। समय पर जाँच न होने पर ये स्थायी दृष्टि हानि का कारण बन सकती हैं।

2. नंबर (Power) में बदलाव समय पर पता चलता है

चश्मे या कॉन्टैक्ट लेंस का गलत नंबर सिरदर्द, आँखों में जलन और थकान का कारण बन सकता है। नियमित जाँच से सही पावर बनी रहती है।

3. बच्चों में दृष्टि विकास के लिए ज़रूरी

बच्चों में नजर की समस्या पढ़ाई और मानसिक विकास को प्रभावित कर सकती है। जल्दी पहचान से Lazy Eye (Amblyopia) जैसी समस्याओं का इलाज संभव है।

4. डायबिटीज़ और हाई BP का असर आँखों पर

डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर सीधे रेटिना को नुकसान पहुँचा सकते हैं। Eye Check-up से इनका असर शुरुआती स्टेज में ही पकड़ा जा सकता है।

5. स्क्रीन टाइम से होने वाली समस्याओं की पहचान

लंबे समय तक मोबाइल और कंप्यूटर इस्तेमाल करने से Dry Eyes, Eye Strain और Headache आम हो गया है। Eye Check-up सही सलाह और उपचार में मदद करता है।

किस उम्र में कितनी बार Eye Check-up करवाना चाहिए?

 1) 0–5 साल (बच्चे)

– कितनी बार: कम से कम एक बार
– क्यों: जन्मजात आँखों की समस्याएँ, भेंगापन, Lazy Eye की जाँच

2) 6–18 साल (स्कूल जाने वाले बच्चे)

– कितनी बार: हर 1 साल में
– क्यों: बढ़ती उम्र में नंबर बदलना, पढ़ाई में ध्यान की समस्या

3) 19–40 साल (युवा)

– कितनी बार: हर 2 साल में
– क्यों: Digital Eye Strain, शुरुआती पावर, Dry Eyes

4) 40–60 साल

– कितनी बार: हर 1 साल में
– क्यों: Presbyopia (पढ़ने का चश्मा), ग्लूकोमा, डायबिटीज़ से जुड़ी समस्याएँ

5) 60 साल से ऊपर

– कितनी बार: हर 6–12 महीने में
– क्यों: Cataract, Glaucoma, Retina Diseases का खतरा ज़्यादा

तुरंत Eye Check-up करवाएं अगर ये लक्षण हों:

– बार-बार सिरदर्द
– आँखों में जलन या पानी आना
– धुंधला या डबल दिखना
– रात में देखने में दिक्कत
– आँखों में दर्द या लालपन
– अचानक नजर कम होना

अगर आप Andheri, Mumbai में Eye Check-up करना चाहते हो तो Doctor Eye Institute को अवश्य भेट दें। यहाँ अनुभवी नेत्र विशेषज्ञ, आधुनिक जाँच सुविधाएँ और पूरी आँखों की देखभाल एक ही जगह पर उपलब्ध है। चाहे सामान्य आँखों की जाँच हो या Cataract, Glaucoma, Retina या Refractive समस्याएँ—Doctor Eye Institute मे सही जाँच, उचित सलाह और विश्वसनीय इलाज मिलता है। अच्छी दृष्टि बनाए रखने के लिए समय पर आँखों की जाँच कराना बहुत ज़रूरी है।